आपदा के प्रकार आपदाओं के निवारण एवं उनके न्यूनीकरण की विधियों के निर्धारण हेतु यह आवश्यक एवं महत्त्वपूर्ण होगा कि आपदाओं की पहचान की जाए अर्थात् यह जाना जाए कि आपदाएँ कितने प्रकार की होती हैं। सामान्यत: आपदाएँ निम्नलिखित प्रकार की होती हैं। उत्पत्ति के आधार पर आपदाओं को दो वर्गों में वर्गीकृत किया गया है- प्राकृतिक आपदाएँ। मानवजनित आपदाएँ। 1. प्राकृतिक आपदाएँ मानव पर दुष्प्रभाव डालने वाले प्रकृति जन्य प्रकोप प्राकृतिक आपदाएँ कहलाती है। ये प्रकृतिजन्य प्रकोप अन्तर्जात (पृथ्वी के अन्दर से उत्पन्न होने वाले) एवं बहिर्जात (वायुमण्डल से उत्पन्न होने वाले) प्रकमों द्वारा उत्पन्न होते हैं। प्राकृतिक आपदाएँ अपेक्षाकृत तीव्रता से घटित होती है, जिन पर मानव समाज का नियंत्रण नहीं के बराबर होता है। इसके अंतर्गत भूकम्प, भू-स्खलन, ज्वालामुखी विस्फोट, बाढ़, चक्रवात, सुनामी, अस्थिर संरचनात्मक आकृतियाँ अथवा रेगिस्तानी एंव हिमाच्छादित क्षेत्रों में विषम जलवायु दशाएँ इत्यादि आते हैं। इस प्रकार प्राकृतिक आपदाएँ न केवल जन-धन को हानि पहुँचाती है, बल्कि पर्यावरण के ढाँचे को भी प्रभावित करती है। 2. मानवजनित आप...
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